ABOUT CENTRAL LIBRARY

GOVERNMENT PALURAM DHANANIYA COMMERCE AND ARTS COLLEGE RAIGARH (C.G.)

NOTIFICATION

MEDIA NEWS

SWAYAM WORKSHOP

undefined

New undefined

Click here

Click here

COVID- 19 ONLINE COMPETITION EAME . # STAY HOME CHALLENGES

undefined

About Library

ज्ञान की देवी माता सरस्वती की उपासना के लिए दो मंदिर हैं, एक विद्यालय और दूसरा पुस्तकालय विद्यालय में हम गुरु के चरणों में बैठकर शिक्षा ग्रहण करते हैं तथा पुस्तकालय में विद्यार्थी अपना खाली समय वह अवकाश का सदुपयोग कर ज्ञानार्जन के साथ ही विश्व के प्रमुख घटनाओं से परिचित होते हैं। ज्ञान प्राप्ति का सर्वोत्तम साधन पुस्तकालय हैं और पुस्तकालय ही हमारी सच्ची मित्र होती हैं। वर्तमान में ग्रंथालय में विविध विषयों एवं पाठ्य पुस्तकों के अलावा संदर्भ ग्रंथ, शब्दकोश एवं लघु शोध ग्रंथ, उपन्यास, काव्यसंग्रह कहानी, संग्रह नाटक आदि मनोरंजन की पुस्तकें उपलब्ध हैं । विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के प्रतियोगी परीक्षा में सफलता एवं कैरियर मार्गदर्शन हेतु विभिन्न प्रकार के दैनिक, साप्ताहिक, मासिक एवं अर्धवार्षिक समाचार पत्र पत्रिकाएं एवं जनरल की अवस्था नियमित रुप से किया जा रहा है। प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के लिए शोध कार्य एवं सेमिनार, वर्कशॉप तथा पाठ्य पुस्तकों से संबंधित ई-बुक, ई- जनरल्स की भी व्यवस्था INFLIBNET CENTRE से N-LIST की सदस्यता के माध्यम से लाइब्रेरी में की गई है। सारांश यह है कि सभी पुस्तकों को खरीदना सभी छात्र के लिए संभव नहीं हैं। इसके लिए लोग पुस्तकालय का सहारा लेते हैं । पुस्तकालयों से निर्धन छात्र भी लाभ उठा सकते हैं और अपनी रुचि अनुसार पुस्तकें प्राप्त कर सकते हैं। पुस्तकालय हमारा शैक्षिक, सामाजिक, मानसिक और सांस्कृतिक विकास के साथ ही व्यक्तित्व विकास में भी अत्यधिक मात्रा में सहायक होते हैं।

वाचनालय

● वाचनालय में समाचार एवं पत्र-पत्रिकाओं आदि का अध्ययन किया जा सकता है।

● किसी पत्र-पत्रिका या पाक्षिक पत्रों को ग्रंथालय से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं है।

● पुस्तकों में किसी प्रकार की क्षति पहुंचाने पर उसकी पूर्ति विद्यार्थी को करनी पड़ेगी।

● विद्यार्थियों को वाचनालय में शांति एवं अनुशासन बनाए रखना अनिवार्य है।

● वाचनालय में बैठकर मोबाइल चलाना वर्जित हैं।

● कोई भी विद्यार्थी वाचनालय में अनावश्यक रूप से ना बैठें।

● विद्यार्थी सिर्फ पढ़ाई करने के उद्देश्य से वाचनालय में बैठे । क्लास के समय में यहां पर नहीं बैठे।

विद्यार्थियों में ज्ञान की प्रचार-प्रसार हेतु निम्न सुविधाएं दी जाती हैं:-

  • वाचनालय में बैठकर पढ़ने की सुविधा ।
  • निशुल्क वाई-फाई सुविधा।
  • निशुल्क पुस्तक आदान प्रदान की सुविधाएं ।
  • पुराने प्रश्न पत्रों का संग्रह।
  • पाठक परामर्श सेवा ।
  • नई पुस्तकों का प्रदर्शन।
  • नोटिस बोर्ड।

नियम

● ग्रंथालय से प्रत्येक विद्यार्थी को 02 पुस्तकें 15 दिवस के लिए निर्मित किया जाता है। छात्र-छात्राओं को 15 दिवस के अंदर पुस्तके जमा करना अनिवार्य होगा। अगर छात्र छात्राएं उसी पुस्तक को पुनः रखना चाहते हैं तो 15 दिवस के लिए पुनः निर्गमित करवा सकते हैं।

● रविवार एवं अन्य अवकाश दिवसों में ग्रंथालय बंद रहेगा अन्य दिनों व विशिष्ट दिनों / समय में खुला रहेगा।

● पुस्तक किसी भी शर्त पर। विद्यार्थी अन्य व्यक्ति या विद्यार्थी को नहीं दे सकता।

● निर्धारित तिथि को पुस्तक ग्रंथालय में ना लौटाने पर आर्थिक दंड देना होगा यह राशि ₹1 प्रतिदिन हैं।

● ग्रंथालय कार्ड खो जाने या नष्ट होने पर ₹10 आर्थिक दंड देने पर पुनः बनाया जाएगा।

● वाह आचरण कदापि छम्य में नहीं होगा कि महाविद्यालय में उपस्थित ना होने पर ग्रंथालय की पुस्तके लौटाने में विलंब हो रहा है। यदि निर्धारित तिथि के दिन छुट्टी हो तो आगामी कार्य दिवस में पुस्तक जमा करना होगा।

● पुस्तक के खो जाने या क्षतिग्रस्त हो जाने पर। विद्यार्थी का दायित्व होगा। कि वे उस पुस्तक की नई प्रति ग्रंथालय में जमा करें। यदि ऐसा नहीं करते तो उसे पुस्तक की कीमत के साथ आर्थिक दंड देना होगा जो लाइब्रेरियन द्वारा उसी समय निर्धारित किया जाएगा।

● निर्गमित की गई पुस्तकों में किसी भी प्रकार का लिखावट एवं काट-छांट तथा पुस्तके गुम हो जाने की स्थिति में पुस्तक के वर्तमान मूल्य से डेढ़ गुना जमा करना होगा या फिर वही पुस्तक खरीद कर जमा करना होगा ।

● प्राचार्य/लाइब्रेरियन को यह विशेषाधिकार हैं कि वह किसी विद्यार्थी को ग्रंथ प्राप्त करने से निषिद्ध कर सकता है। ग्रंथालय का प्रत्येक ग्रंथ विद्यार्थियों की निधि है इसकी रक्षा करना आपका कर्तव्य है।

ग्रंथालय वाचनालय उपयोग संबंधी सामान्य नियम।

● पुस्तकालय वाचनालय का छात्र-छात्राएं पूरा-पूरा उपयोग करें। यदि छात्र-छात्राएं पुस्तकालय की सुविधा का दुरुपयोग करते हैं, तो उन्हें इस सुविधा से वंचित किया जा सकता है। प्रदाय की गई पुस्तकों के पृष्ठ फटे अथवा खोए हुए पाए जाने पर छात्रों को पूर्ति करनी होगी पुस्तक लेते समय छात्रों को चाहिए कि वह देख ले की पुस्तक का कोई पृष्ठ खोया हुआ फटा हुआ तो नहीं है। यदि ऐसा पाए तो तत्काल वहां लाइब्रेरियन का ध्यान इस ओर आकर्षित करें ताकि उन्हें दूसरी पुस्तक प्रदान की जा सके। निर्धारित समय के भीतर पुस्तक वापस न करने की दशा में अर्थ दंड देना होगा।


● प्रश्न्र पत्र एवं समाचार पत्र व पत्रिकाओं का उपयोग। छात्र-छात्राएं केवल वाचनालय में ही बैठकर पढ सकते हैं।


● महाविद्यालय में अध्ययनरत नियमित विद्यार्थियों को ही पुस्तक निर्गमित किया जाएगा अस्थाई छात्रों को संबधित कक्षा में उत्तीर्ण होने के पश्चात ही पुस्तक निर्गमित किया जाएगा।

MR. K. R. SONI (LIBRARIAN)

undefinedundefined

undefinedundefinedundefined